Moazzam Beg Khans Formerly Team Name

Moazzam Beg Khan’s, formerly team name the team founder & leader “Moazzam Mirza” also known “Moazzam Beg Salafi” His past watercolor artist and activity member of Salafi movement. Team found since November 2009.

 

Team members:

  • Moazzambeg Mirza (team leader & founder)
  • Afzalkhan Pathan
  • Akramkhan Pathan
  • Aashifkhan Pathan
  • Ashrafkhan Pathan
  • Aadilkhan Pathan
  • Arbazkhan Pathan
  • Akbarkhan Pathan
  • Faisalkhan Pathan
  • Salimkhan Pathan
  • Shahnawazkhan Pathan

Source: Team moazzambeg khans

A Biography of Sheikh Khurshid

Salafi

Sheikh Khurshid (Founder of IRDC)

Sheikh Khurshid aka Khurshid Abdulrasheed “Muhammadi”. I was born in 16th November 1963 in Allahabad Uttar Pradesh India and my education was held in Mirzapur Uttar Pradesh. I completed my master degree program from Purvanchal University, K.B Degree College in Mirzapur 1989 with Medieval History. My Urdu education was of Intermediate (U.P Board) and Urdu Adeeb Aligarh Muslim University.

Sheikh Meraj Rabbani Biography

Salafi

Sheikh Meraj Rabbani Salafi

He is one of the most popular speaker whose effect upon the common masses is very huge especially his speeches against deviant sects. He is very well known in India as a speaker from Jamiyyath Ahle Hadees Hind. He is a member of the shura of Dal Ul Iftah wal Irshad in Bangalore , where fatwas are issued to common people.As he himself states in one of his tape that we have in our possession( Islam and grave worshipping) that he has reverted from Barelwiyyah.

What… Iran!! It’s True

ईरान पिछले कई सालो से मध्य एशिया के देशो मे इंतेशार फैला कर वहाँ के पूरअमन हालात को खराब कर रहा है सबसे पहले इसने इराक़ मे दखलअंदाज़ी की और वहाँ रह रहे सुन्नी अवाम पे शिया संगठनो को अपने देश मे हथियारो की ट्रेनिंग दे कर उनके उपर ज़ुल्म का पहाड़ तोड़ा फिर सिरिया मे बिशार-अल-असद जैसे फ़िरौन की खुल कर हिमायत की और उसे हथियार के साथ अपने फौज की भी खिदमात दी और उस बिशार-अल-असद ने 3 लाख से अधिक सुन्नी मुसलमानो का क़त्ले आम किया फिर इसने लेबनान मे “हिज़बुल्लाह” जैसे आतंकवादी संघटन के द्वारा लेबनान के साथ साथ दूसरे अरब मुल्को मे आतंकवादी गतिविधियो को अंजाम दिया और इस संगठन ने इराक़ और सिरिया मे वो क़त्ले आम मचाया है जो किसी भी संघटन ने नही किया है फिर यही ईरान पूरअमन मुल्क यमन मे यमन के शियो को भड़का कर उन्हे अपने देश मे ले जा कर के हथियारो की ट्रेनिंग दी और फिर उन्हे यमन भेज कर के वहाँ की सुन्नी होकूमत के खिलाफ बग़ावत करवाई और ध्यान रहे इन सभी मुल्को मे सुन्नी होकूमत थी सिवाय सिरिया के और सिरिया मे वहाँ की सुन्नी अवाम ने अपने उपर हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ जब आवाज़ बुलंद की तो यही ईरान उनपे बमो की वर्षा कर के चुप करा दिया इन सबका मक़सद दो है पहला की जीतने भी देश सऊदी अरब के आस पास है उन सबमे अफ़रा तफ़री मचा कर वहाँ की सुन्नी होकूमतो को जड़ से उखाड़ कर शिया स्टेट बनाना ताकि वो सऊदी अरब को घेर सके और अपने पुराने मक़सद यानी की मक्का और मदीना पे क़ब्ज़ा को पूरा कर सके वाज़े रहे की इस से पहले 1987 मे ईरानी एजेंटो ने हज के मौके पे मक्का मे क़त्ले आम करके हज़ारो हाजियो का कत्ल कर दिया था और मक्का पे शिया क़ब्ज़े की कोशिश की जिसे सऊदी होकूमत के आग्रह पे पाकिस्तानी फौज ने क़ब्ज़े को छुड़ाया और उन ईरानी शिया आतंकवादियो का सफ़ाया किया था और इनका दूसरा मक़सद जो है वो ग्रेटर इसराइल का क्याम…हैरत हुई न…???..ईरान इसराइल का ग्रेट इसराइल बनाने मे मदद प्रदान कर रहा है लेकिन अहले इल्म इस से वाक़िफ़ है…..एक बात याद रखे की शिया धर्म का संस्थापक एक यहूदी था जिसका नाम “अब्दुल्लाह इब्न सबा” था और जब आप शिया धर्म की हिस्ट्री की स्टडी करते है तो ये वाज़े हो जाएगा की दरहक़ीक़त शिया यहूदियत की एक नाजायज़ औलाद है जो इस्लाम का वस्त्र धारण कर उसकी कोख मे पल कर उसी को खोखला करने की भरकस कोशिश कर रही है जैसा की अब्दुल्लाह इब्न सबा ने यहूदी होकर इस्लाम को नुकसान पहुचाने के लिये मुसलमान होने का ढोंग किया और उसका खामियाज़ा आज तक मुसलमान शियत के रूप मे भुगत रहे है।

Good day’s coming Modi said

अच्छे दिन आ गए ,
बोनस , मेडिकल , सेलरी ,
यहाँ तक नौकरी भी खा गए |
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए |
खाने का पैसा नहीं ,
बुलेट ट्रेन चला रहे हैं |
जंगल और जमीन से लोगों को,
प्लेन मे उड़ा रहे हैं |
जमीन जायजाद वालों को,
भूमि अधिग्रहण से बेघर बना गए|
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए |
सर्विस टैक्स, इंकम टैक्स मे ,
झुंझना पकड़ा गए |
मिडिल क्लास अपना खयाल खुद रखे,
संसद मे सुना गए |
मुझको भी यकीन है ,
अच्छे दिन आ गए
सुबह, सुबह की बात ,
दोपहर को दोपहर की बात ,
रात मे रात की बात ,
रेडियो और टीवी पर पका गए |
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए |
इस दौर मे जहाँ सब बिकता है,
बस हमारा स्टील नहीं बिकता है ,
बिके भी कैसे ,
खरीदार तो वही हैं |
बेचने विदेसी आ गए |
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए |
काला धन आएगा ,
सबके खाते मे 15 लाख जाएगा |
कहने वाले –
0 बैलेंस मे अकाउंट खुलवा गए |
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए |
सुबह वही ,
शाम वही ,
बिन पैसों का काम वही,
लगता है ,बनाने वाले ,
xअच्छा बेवकूफ बना गए |
मुझको भी यक़ीन है ,
अच्छे दिन आ गए ||
बोनस , मेडिकल , सेलरी ,
यहाँ तक नौकरी भी खा गए ||
बाकी आपकी सदबुद्दि
जिसने उसे चुना  वही अब खुद पर मरहम लगा रहे है
फिर भी कायरता पूर्ण कह रहे है  अच्छे दिन आ गये.

2014 in review

The WordPress.com stats helper monkeys prepared a 2014 annual report for this blog.

Here’s an excerpt:

The concert hall at the Sydney Opera House holds 2,700 people. This blog was viewed about 10,000 times in 2014. If it were a concert at Sydney Opera House, it would take about 4 sold-out performances for that many people to see it.

Click here to see the complete report.